राजस्थान हाईकोर्ट ने निलंबित ASP मुकेश सोनी की जमानत खारिज कर दी, दो करोड़ घूसकांड में जेल की सजा तय
पूरी खबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने दो करोड़ रुपये के घूसकांड में निलंबित एएसपी मुकेश कुमार सोनी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि सोनी ने उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों के फर्जी पट्टा प्रकरण में रिश्वत ली है। इस फैसले के बाद सोनी को जेल में दिवाली मनाने का आदेश मिला। हाईकोर्ट के इस आदेश से राज्य सरकार और पुलिस आयुक्तालय पर सवाल उठते हैं कि इस स्तर की भ्रष्टाचार के बाद प्रशासनिक नियंत्रण कैसे सुनिश्चित किया जाएगा, हाईकोर्ट के अनुसार। अब इस मामले में आगे की सुनवाई और संभावित अपील की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
घटनाक्रम
4 घटनाक्रमउदयपुर नगर निगम ने फर्जी पट्टा प्रकरण की पूरी जांच शुरू कर दी और सभी संबंधित अधिकारियों को बर्खास्त करने का आदेश दिया।
उदयपुर नगर निगम ने जांच शुरू कर सभी संबंधित अधिकारियों को बर्खास्त करने का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करने का आधिकारिक आदेश जारी किया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरहाईकोर्ट ने आधिकारिक आदेश जारी किया, जिससे सोनी की जमानत खारिज हो गई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
यह पन्ना 7 नवंबर 2026, दोपहर 4:09 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों के फर्जी पट्टा प्रकरण में दो करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई
- निलंबित एएसपी मुकेश कुमार सोनी की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी
- हाईकोर्ट ने सोनी को जेल में दिवाली मनाने का आदेश दिया
- उदयपुर नगर निगम ने फर्जी पट्टा प्रकरण की पूरी जांच शुरू कर दी और सभी संबंधित अधिकारियों को बर्खास्त करने का आदेश दिया
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- राजस्थान हाईकोर्ट ने इस निर्णय में कौन से कानूनी मानदंडों को लागू किया?
- उदयपुर नगर निगम के कौन से विभाग ने फर्जी पट्टा प्रकरण की जांच का आदेश दिया?
- राज्य सरकार ने इस भ्रष्टाचार के बाद पुलिस आयुक्तालय की निगरानी कैसे सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा है?
आगे क्या
हाईकोर्ट के आदेश के बाद संभावित अपील की सुनवाई की तिथि और राज्य सरकार की आगे की कार्यवाही पर नज़र रखें।