राजस्थान सरकार ने गोयल फैशन्स के स्वीकृत निवेश प्रोत्साहन पैकेज पर एसीबी जांच तक रोक लगाई
पूरी खबर
राजस्थान सरकार ने एंटी-कोरप्शन ब्यूरो (एसीबी) की प्रारम्भिक जांच के दौरान गोयल फैशन्स प्रा. लि. को स्वीकृत निवेश प्रोत्साहन पैकेज (RIPS) के लाभ देने पर रोक लगा दी है। यह कदम विभिन्न समाचार स्रोतों में बताया गया है, जहाँ एसीबी की जांच पूरी होने तक रियायतें अटकी रहेंगी। सरकार ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता के रूप में प्रस्तुत किया है। वर्तमान में यह रोक कब हटेगी, इस पर स्पष्टता नहीं है, जिससे एसीबी की जांच की अवधि और परिणामों पर ध्यान केंद्रित है।
घटनाक्रम
8 घटनाक्रमप्रातःकाल ने इस रोक को राजस्थान में भ्रष्टाचार पर सरकार के बड़े कदम के रूप में रिपोर्ट किया
मुख्यमंत्री ने शून्य सहनशीलता की नीति दोहराते हुए कहा कि जांच के परिणाम आने तक सभी लाभ रोकेंगे।
एसीबी ने गोयल फैशंस के सभी प्रोत्साहन रियायतों को आधिकारिक रूप से रोका
आईएएस शिखर अग्रवाल को भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया, जिससे इस केस की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हुई
हिन्दुस्थान समाचार ने बताया कि एसीबी की जांच पूरी होने तक लाभ नहीं मिलेगा
हिन्दुस्थान समाचारमुख्यमंत्री ने अतिरिक्त जांच टीम गठित करने की घोषणा की।
एक अतिरिक्त जांच टीम को राज्य के वित्त विभाग और एसीबी के प्रतिनिधियों से मिलाकर गठित किया गया
अमर उजाला के न्यूज डेस्क ने सरकार के एक्शन को भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के रूप में उजागर किया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
यह पन्ना 3 नवंबर 2026, दोपहर 4:49 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान सरकार ने गोयल फैशन्स को स्वीकृत निवेश प्रोत्साहन पैकेज के लाभ पर रोक लगाई
- रोक एसीबी की प्रारम्भिक जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगी
- एसीबी की जांच का उद्देश्य गोयल फैशन्स पर भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि है
- विभिन्न स्रोतों ने इस कदम को भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता के रूप में बताया
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- क्या एसीबी की जांच के परिणामों के आधार पर सरकार रियायतों को पुनः जारी करेगी?
- राज्य सरकार ने इस रोक के दौरान गोयल फैशन्स को कौन से वैकल्पिक निरीक्षण उपाय लागू किए हैं?
- क्या एसीबी की जांच में किसी अन्य कंपनी या व्यक्तिगत लाभार्थी को भी शामिल किया गया है?
आगे क्या
एसीबी की अंतिम रिपोर्ट के जारी होने की तिथि और सरकार के संभावित निर्णय पर नज़र रखें।