राज्य ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी, नेपोटिज़्म पर सवाल
पूरी खबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने मृत सहायक अभियंता के अविवाहित भाई रोमिल जैन को चार सप्ताह में अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया, परन्तु आदेश के पाँच महीने बाद भी जल संसाधन विभाग ने इसे लागू नहीं किया। इस चूक पर अदालत ने विभाग को अवमानना नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट के अनुसार, विभाग की इस अनिच्छा को नेपोटिज़्म के आरोपों से जोड़ा गया, क्योंकि नियुक्ति के लिये भाई को विशेष सहानुभूति का आधार बताया गया था। अब तक राज्य ने कोई औपचारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया, जबकि न्यायालय ने स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की थी। इस स्थिति में प्रशासनिक जवाबदेही और न्यायिक आदेशों के पालन की गंभीरता पर प्रश्न उठ रहा है।
घटनाक्रम
3 घटनाक्रमदैनिक नवज्योति ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी आश्रित भाई को अनुकंपा नियुक्ति न मिलने की जाँच की रिपोर्ट प्रकाशित की।
हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग को अवमानना नोटिस जारी किया, आदेश के पाँच महीने बाद भी अनुकंपा नियुक्ति न होने पर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरहाईकोर्ट ने जेडीए सचिव से अनुकंपा नियुक्ति के पालन हेतु एफिडेविट माँगा।
ईटीवी भारत
यह पन्ना 1 नवंबर 2026, दोपहर 12:58 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- हाईकोर्ट ने रोमिल जैन को चार सप्ताह में अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्देश दिया।
- आदेश के पाँच महीने बाद भी जल संसाधन विभाग ने नियुक्ति नहीं दी।
- हाईकोर्ट ने विभाग को अवमानना नोटिस जारी किया।
- ईटीवी भारत ने हाईकोर्ट द्वारा जेडीए सचिव से एफिडेविट माँगने की रिपोर्ट की।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- जल संसाधन विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश को लागू न करने का कारण क्या बताया है?
- हाईकोर्ट द्वारा जारी अवमानना नोटिस के बाद विभाग ने कौन‑सी corrective कार्रवाई की है?
- राज्य सरकार ने नेपोटिज़्म के आरोपों को दूर करने हेतु क्या नीति या निरीक्षण प्रक्रिया शुरू की है?
आगे क्या
हाईकोर्ट की अगली सुनवाई की तिथि और विभाग द्वारा प्रस्तुत एफिडेविट की समीक्षा पर नज़र रखें।