राजस्थान एसीबी ने दो करोड़ की रिश्वत में एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को हिरासत में लिया
पूरी खबर
राजस्थान एंटी‑करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उदयपुर के 272 भूखंड प्रकरण में दो करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी को बालोतरा स्थित घर से हिरासत में लिया, जैसा कि एसीबी की कार्रवाई को रिपोर्टों में बताया गया है। एसीबी ने उनके कथित दलाल सज्जन सिंह जैन को भी गिरफ्तार किया, जो दो करोड़ रुपये लेता पकड़ा गया। इस कदम पर एसीबी ने कहा कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए है, जबकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। अब मामला एसीबी की जाँच रिपोर्ट और अदालत की सुनवाई पर टिका है।
घटनाक्रम
8 घटनाक्रमएसीबी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी को हिरासत में लिया (रिपोर्ट के मुताबिक)।
एसीबी की कार्रवाई में बताया गया कि सोनी का दलाल सज्जन सिंह जैन दो करोड़ रुपये ले रहा था (रिपोर्ट के मुताबिक)।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुरएसीबी ने दो करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में एसओजी अधिकारी को हिरासत में लिया (रिपोर्ट के मुताबिक)।
जयपुर में एसीबी ने दो करोड़ की रिश्वत लेते दलाल को गिरफ्तार किया (रिपोर्ट के मुताबिक)।
एसीबी ने बिचौलिए को दो करोड़ रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा (रिपोर्ट के मुताबिक)।
पुलिस ने अभी तक आधिकारिक बयान या जांच रिपोर्ट जारी नहीं की।
घटना के समय किसान पुलिस स्टेशन के बाहर मौजूद था, जहाँ सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की थी।
परिवार ने पुलिस पर साम्प्रदायिक पूर्वाग्रह का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने इसे सामान्य झड़प कहा।
यह पन्ना 27 सितंबर 2026, सुबह 4:15 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- एसीबी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी को बालोतरा स्थित घर से हिरासत में लिया (रिपोर्ट के मुताबिक)।
- सज्जन सिंह जैन को दो करोड़ रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया (रिपोर्ट के मुताबिक)।
- एसीबी ने 27 सितंबर 2026 को दो करोड़ की रिश्वत मामले में कार्रवाई की (रिपोर्ट के मुताबिक)।
- उदयपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई में दलाल को गिरफ्तार किया गया (रिपोर्ट के मुताबिक)।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- क्या एसीबी ने इस मामले में सभी संबंधित दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं?
- क्या पुलिस ने इस कार्रवाई पर आधिकारिक बयान जारी किया है?
- क्या अदालत में इस मामले की सुनवाई कब निर्धारित की गई है?
- क्या एसीबी की जाँच रिपोर्ट में सभी आरोपित व्यक्तियों के नाम स्पष्ट किए गए हैं?
आगे क्या
अगले दो हफ्तों में एसीबी की जाँच रिपोर्ट अदालत में पेश होने की संभावना है; रिपोर्ट के बाद अदालत की सुनवाई पर नज़र रखें।