सुप्रीम कोर्ट ने महेश जोशी को जमानत दी, रिपोर्ट देने की शर्त के साथ
पूरी खबर
सुप्रीम कोर्ट ने जल जीवन मिशन घोटाले में शामिल पूर्व मंत्री महेश जोशी को जमानत प्रदान की, साथ ही उन्होंने मामले की प्रगति पर रिपोर्ट देने की शर्त लगाई। जोशी ने जेल से बाहर आकर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की और निरपराधता का दावा दोहराया। एसीबी केस में भी उन्हें राहत मिली, जिससे उनके कानूनी संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। अब सवाल यह है कि रिपोर्ट की शर्त कैसे लागू होगी और श्वेतपत्र की मांग पर कौन‑सी कार्रवाई होगी।
घटनाक्रम
14 घटनाक्रमसुप्रीम कोर्ट ने जमानत के साथ यह शर्तें लगाई कि जोशी को मामले की प्रगति पर रिपोर्ट देना होगा
दैनिक भास्करसुप्रीम कोर्ट ने जमानत का आदेश जारी किया
पीटीआईजोशी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने जल जीवन मिशन पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की
राजस्थान पत्रिकाजोशी जेल से बाहर आए, श्वेतपत्र की मांग की और निरपराधता का दावा दोहराया
राजस्थान पत्रिकाजोशी ने श्वेतपत्र जारी करने की मांग की और निरपराधता का दावा दोहराया
राजस्थान पत्रिकाजोशी ने जेल से बाहर आकर मीडिया को बताया कि वह पहले भी निर्दोष थे और आज भी हैं
राजस्थान पत्रिकाजोशी जेल से बाहर आए, श्वेतपत्र की मांग की और कहा कि वे निर्दोष हैं
फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़ ने जोशी के ‘षड्यंत्र’ के आरोप को उजागर किया
फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़जोशी ने कहा कि उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है
फ़र्स्ट इंडिया न्यूज़दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा की हिरासत की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें रिहा किया
हिंदुस्तान ने जमानत की पुष्टि की
देशबन्धु ने बताया कि एसीबी केस में जोशी को बड़ी राहत मिली
पुलिस ने अभिजीत दीपके को थामने के बाद तिरंगा मार्च के लिए सुरक्षा उपाय कड़े किए
अमर उजाला ने रिपोर्ट किया कि जमानत के साथ एसीबी के मामले में राहत मिली
अमर उजाला
यह पन्ना 18 अक्टूबर 2026, दोपहर 4:28 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- सुप्रीम कोर्ट ने महेश जोशी को जमानत दी
- जमानत के साथ कोर्ट ने मामले की प्रगति पर रिपोर्ट देने की शर्त लगाई
- जोशी ने जेल से बाहर आकर जल जीवन मिशन पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की
- जोशी ने निरपराधता का दावा दोहराया
- एसीबी केस में भी जोशी को बड़ी राहत मिली
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- क्या सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट‑देने की शर्त को लागू करने की निगरानी कौन करेगा?
- क्या जल जीवन मिशन के श्वेतपत्र की मांग पर कोई स्वतंत्र जांच होगी?
- क्या एसीबी केस में मिली राहत के पीछे कोई प्रशासनिक प्रक्रिया छूट तो नहीं रही?
आगे क्या
जमानत शर्तों के अनुपालन की निगरानी और श्वेतपत्र मांग पर संभावित जांच रिपोर्ट पर नज़र रखें।