राजस्थान सरकार ने एसीबी को शिखर अग्रवाल और प्राशखा माथुर के विला खरीद मामले की जांच की मंजूरी दी
पूरी खबर
लोकमत टाइम्स के अनुसार, राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी आईपीएस पत्नी प्राशखा माथुर के खिलाफ 40 विला खरीद के संदिग्ध भ्रष्टाचार मामले में एंटी‑कोरप्शन ब्यूरो (एसीबी) को प्रारम्भिक जांच का आदेश दिया है। जागरन के अनुसार, एसीबी ने 10 विला उदयपुर में, 8 विला अलवर में खरीदे जाने की प्रक्रिया में सरकारी पद का दुरुपयोग और गॉयल फैशन प्रा. लि. को अनुचित लाभ पहुँचाने का संदेह जताया है। जांच के दौरान खरीदी गई प्रत्येक विला की कीमत 15 लाख से 16.5 लाख रुपये बताई गई है। एसीबी के बयान के अनुसार, अब तक एसीबी ने औपचारिक पूछताछ शुरू कर ली है, परन्तु आरोपों की पुष्टि या प्रतिवाद अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ। इस चरण में जांच की दिशा, संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई और सार्वजनिक जवाबदेही की माँगें प्रमुख हैं।
घटनाक्रम
9 घटनाक्रमएसीबी ने शिखर अग्रवाल और प्राशखा माथुर के खिलाफ प्रारम्भिक पूछताछ शुरू कर दी।
भास्कर इंग्लिशएसीबी ने गॉयल फैशन प्रा. लि. को अनुचित लाभ पहुँचाने के संकेतों की पुष्टि की।
राजस्थान सरकार ने एसीबी को जांच की मंजूरी देने का आधिकारिक आदेश जारी किया।
नवभारत टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि 40 विला खरीद के मामले में एसीबी पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रहा है।
नवभारत टाइम्सईटीवी भारत ने बताया कि शिखर अग्रवाल पर पद के दुरुपयोग और सरकार को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं, जिससे एसीबी जांच को मंजूरी मिली।
ईटीवी भारतगहलोत ने दो अलग-अलग मंचों पर समान मांग दोहराई, एक बार दैनिक भास्कर में और एक बार अमर उजाला में
दैनिक भास्करगहलोत ने कहा कि एपीओ (अधिसंचालन आदेश) प्रक्रिया से इस मामले की सच्चाई नहीं निकलेगी
दैनिक भास्करअमर उजाला ने बताया कि सरकार ने शिखर अग्रवाल के विरुद्ध विस्तृत जांच को मंजूरी दी, जिसमें परिजनों के नाम अनंता रिसॉर्ट में विला खरीदना शामिल है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरशिखर अग्रवाल, आईएएस अधिकारी, पर पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, लेकिन कोई आधिकारिक जांच नहीं हुई थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
यह पन्ना 31 अक्टूबर 2026, दोपहर 3:26 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- शिखर अग्रवाल और प्राशखा माथुर पर 40 विला खरीद के संदिग्ध भ्रष्टाचार के लिए एसीबी ने प्रारम्भिक जांच शुरू की।
- उदयपुर में 10 विला, अलवर में 8 विला खरीदे गए, प्रत्येक की कीमत 15 लाख से 16.5 लाख रुपये बताई गई।
- जांच में गॉयल फैशन प्रा. लि. को लाभ पहुँचाने का संदेह है।
- राज्य सरकार ने एसीबी को जांच की मंजूरी दी, जैसा कि लोकमत टाइम्स ने रिपोर्ट किया।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- राज्य सरकार एसीबी को किस सीमा तक स्वतंत्र जांच की शक्ति देगी?
- क्या एसीबी शिखर अग्रवाल और प्राशखा माथुर के पदस्थापना पर निलंबन या हटाने का आदेश दे सकता है?
- जांच के परिणामस्वरूप यदि भ्रष्टाचार सिद्ध होता है तो कौन-से अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई की जाएगी?
आगे क्या
आगामी दो हफ्तों में एसीबी की प्रारम्भिक पूछताछ रिपोर्ट की सार्वजनिक प्रस्तुति पर नज़र रखें।