आरएमएससीएल की लापरवाही से सरकारी अस्पतालों में दवा संकट गहरा, मरीजों को मिलीं अमानक दवाएँ
पूरी खबर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला के अनुसार, राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) में दवा खरीद और गुणवत्ता जांच से जुड़ी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कई सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की कमी के कारण मरीजों को ऐसी दवाएँ दी गईं जिनकी गुणवत्ता मानक नहीं थी। आरएमएससीएल के अधिकारियों ने इस मुद्दे को स्वीकार नहीं किया, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने जांच की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला है और यह सवाल बना हुआ है कि दवा आपूर्ति की निगरानी किस विभाग के पास है और क्यों ऐसी लापरवाही हुई।
घटनाक्रम
3 घटनाक्रमन्यूज डेस्क, अमर उजाला ने आरएमएससीएल की लापरवाही पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरआरएमएससीएल के कई अनुबंधों में मूल्य निर्धारण और आपूर्ति मानकों में विसंगतियों की पहचान हुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरस्वास्थ्य विभाग ने मामले की पूरी जाँच का आदेश दिया, पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
यह पन्ना 13 अक्टूबर 2026, शाम 5:39 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- आरएमएससीएल में दवा खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएँ पाई गईं
- सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी के कारण मरीजों को अमानक दवाएँ दी गईं
- न्यूज डेस्क, अमर उजाला ने 13 अक्टूबर 2026 को इस मुद्दे को उजागर किया
- रिपोर्ट में बताया गया कि गुणवत्ता जांच में भी चूक हुई
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- क्या राज्य स्वास्थ्य विभाग आरएमएससीएल की दवा खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल स्थापित करेगा?
- क्या आरएमएससीएल के उन अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी जिन्होंने गुणवत्ता जांच में चूक की?
- क्या दवा आपूर्ति की नियमित ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी ताकि मरीजों को भरोसा हो सके?
आगे क्या
आगे के हफ्तों में स्वास्थ्य विभाग की जाँच रिपोर्ट और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर नज़र रखें।