राजस्थान स्वास्थ्य विभाग पर स्टेंट की कमी और प्रतिपूर्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग
पूरी खबर
राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक रोगी को सरकारी अस्पताल में स्टेंट न मिलने के कारण निजी दुकान से खरीदने पर पूर्ण प्रतिपूर्ति का आदेश दिया। अदालत ने अस्पताल को स्टेंट स्टॉक के रिकॉर्ड की जाँच करने और प्रतिपूर्ति की राशि व भुगतान प्रक्रिया निर्धारित करने का निर्देश भी दिया। रोगी ने आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं, परंतु स्टेंट उपलब्धता, भुगतान की समयसीमा और निगरानी तंत्र अभी स्पष्ट नहीं हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल पर जवाबदेही का प्रश्न खड़ा है।
घटनाक्रम
4 घटनाक्रमअदालत ने प्रतिपूर्ति के लिए विशिष्ट राशि और भुगतान प्रक्रिया निर्धारित की।
हाई कोर्ट ने अस्पताल के स्टेंट स्टॉक रिकॉर्ड की जाँच का आदेश दिया।
रोगी ने प्रतिपूर्ति के लिए आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं।
अदालत ने प्रतिपूर्ति की विशिष्ट राशि और भुगतान प्रक्रिया निर्धारित की।
यह पन्ना 24 सितंबर 2026, रात 1:48 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- रोगी को सरकारी अस्पताल में स्टेंट उपलब्ध नहीं होने के कारण निजी दुकान से खरीदना पड़ा।
- राजस्थान उच्च न्यायालय ने रोगी को पूर्ण प्रतिपूर्ति का अधिकार दिया।
- अदालत ने अस्पताल को स्टेंट स्टॉक रिकॉर्ड की जाँच का आदेश दिया।
- रोगी ने प्रतिपूर्ति के लिए आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- राजस्थान स्वास्थ्य विभाग स्टेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कौन‑सी आपूर्ति‑निगरानी प्रणाली अपनाएगा?
- राजस्थान राज्य अस्पताल प्रबंधन को स्टेंट स्टॉक रिकॉर्ड की जाँच कब तक पूरी करके रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी?
- हाई कोर्ट द्वारा निर्धारित प्रतिपूर्ति प्रक्रिया के कार्यान्वयन की निगरानी किस विभाग द्वारा की जाएगी?
- रोगी को पूर्ण प्रतिपूर्ति मिलने में संभावित देरी को रोकने के लिए क्या समयसीमा तय की जाएगी?
आगे क्या
अगले दो हफ्तों में स्वास्थ्य विभाग को स्टॉक जाँच की रिपोर्ट और प्रतिपूर्ति भुगतान की प्रगति पर अपडेट देना होगा।