अलवर के निशु अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति से कई प्रसूति मौतें, लाइसेंस रद्द
पूरी खबर
अलवर के निशु अस्पताल में प्रसूति विभाग में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण नर्सिंग स्टाफ ने स्वयं डिलीवरी कराई, जिससे कई माताओं की मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत अस्पताल को सील कर दिया और लाइसेंस रद्द कर दिया। दोनों स्रोतों ने बताया कि एफआईआर दर्ज की गई और डॉक्टर‑नर्सिंग कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। अब इस मामले में अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
घटनाक्रम
3 घटनाक्रमअस्पताल के लाइसेंस रद्द होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त जांच के आदेश जारी किए।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरएफआईआर के तहत डॉक्टर‑नर्सिंग कर्मियों को हिरासत में ले लिया गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरपहले भी अलवर के अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति से प्रसूति मृत्यु के मामले सामने आए थे।
यह पन्ना 8 अगस्त 2026, दोपहर 12:41 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- निशु अस्पताल में डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नर्सिंग स्टाफ ने प्रसूति डिलीवरी कराई, कई माताओं की मौत हुई।
- राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने निशु अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया।
- एफआईआर दर्ज की गई और डॉक्टर‑नर्सिंग कर्मियों पर कार्रवाई शुरू हुई।
- अलवर में इसी प्रकार की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया में सभी नियामक मानदंडों का पालन किया?
- क्या निशु अस्पताल के प्रबंधन ने डॉक्टर की अनुपस्थिति को रोकने के लिए कोई आपातकालीन योजना बनायी थी?
- क्या पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद तुरंत डॉक्टर‑नर्सिंग कर्मियों की हिरासत सुनिश्चित की?
- क्या राज्य सरकार ने इस घटना के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी में सुधार के लिए कोई नई नीति प्रस्तावित की है?
आगे क्या
अगले दो हफ्तों में स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट और न्यायिक कार्रवाई की सुनवाई पर नज़र रखें।