राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर में स्थायी एसपी नियुक्ति में देरी को लेकर चुनाव आयोग को दो सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया
पूरी खबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जनहित याचिका पर कार्रवाई करते हुए नागौर में स्थायी एसपी पद खाली रहने के मुद्दे को उठाया है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया में देरी का कारण स्पष्ट होना चाहिए। दोनों स्रोतों में बताया गया है कि यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा है, पर अभी तक कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला है कि क्यों नियुक्ति अटकी। अब सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इस नोटिस का पालन करेगा और नियुक्ति को शीघ्रता से पूरा करेगा या फिर अतिरिक्त जाँच की आवश्यकता होगी।
घटनाक्रम
3 घटनाक्रमहाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को दो हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौरदैनिक भास्कर ने हाईकोर्ट के नोटिस जारी करने की रिपोर्ट की।
दैनिक भास्करराष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने नागौर में स्थायी एसपी की नियुक्ति न होने पर जनहित याचिका दायर की।
यह पन्ना 19 सितंबर 2026, सुबह 11:19 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- नागौर में स्थायी एसपी पद खाली है और नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा है।
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को दो सप्ताह में जवाब देने का नोटिस जारी किया।
- दैनिक भास्कर ने भी हाईकोर्ट द्वारा निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी करने की सूचना दी।
- हाईकोर्ट ने नियुक्ति में देरी के कारणों की स्पष्टता के लिए आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- राज्य निर्वाचन आयोग को हाईकोर्ट के नोटिस का पालन करने में कौन-से बाधाएँ आ रही हैं?
- हाईकोर्ट ने नियुक्ति में देरी के कारणों की जाँच के लिए कौन-से विभागों को जिम्मेदार ठहराया है?
- क्या राज्य सरकार ने स्थायी एसपी की नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने के लिए कोई अतिरिक्त कदम उठाए हैं?
आगे क्या
हाईकोर्ट के दो हफ्ते के उत्तर की अंतिम तिथि के बाद, आयोग के जवाब और संभावित कार्यवाही पर नज़र रखें।