इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी व राजस्थान पुलिस से फर्जी एनकाउंटर रिपोर्टों की मांग की
पूरी खबर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी एनकाउंटर के आरोपों के तहत उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और राजस्थान पुलिस से विस्तृत रिपोर्टें मांगी हैं (रिपोर्ट के मुताबिक)। कोर्ट ने दोनों राज्यों की पुलिस को बताया कि गिरफ़्तारी के स्थान और प्रक्रिया में विरोधाभास है, जिससे न्यायिक जाँच की आवश्यकता उत्पन्न हुई। अब हाईकोर्ट को प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज़ों की सामग्री और समयसीमा तय करनी है, जबकि पुलिस को अपने-अपने विभागीय रिकॉर्ड को स्पष्ट करना होगा।
घटनाक्रम
5 घटनाक्रमहाईकोर्ट ने 7 सितंबर को दो रिपोर्टों की मांग की, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विस्तृत विवरण देना अनिवार्य किया गया
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने रिपोर्ट किया कि हाई कोर्ट ने वरिष्ठ यूपी और राजस्थान पुलिस से रिपोर्ट की मांग की।
टाइम्स ऑफ़ इंडियाटाइम्स ऑफ़ इंडिया ने दो अलग-अलग पुलिस रिपोर्टों में विरोधाभास की सूचना दी।
टाइम्स ऑफ़ इंडियाटाइम्स ऑफ़ इंडिया ने बताया कि दो अलग-अलग पुलिस रिपोर्टों में विरोधाभास है, जिससे जाँच में नई दिशा मिली
टाइम्स ऑफ़ इंडियाजनचौक ने उल्लेख किया कि हाईकोर्ट ने गिरफ़्तारी के स्थान के बारे में स्पष्टता की मांग की, क्योंकि पहले रिपोर्ट में जयपुर और फ़िरोज़ाबाद दोनों का उल्लेख था
जनचौक
यह पन्ना 8 सितंबर 2026, सुबह 4:58 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वरिष्ठ यूपी और राजस्थान पुलिस से फर्जी एनकाउंटर संबंधी रिपोर्टें मांगी हैं
- टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने बताया कि दो अलग-अलग पुलिस रिपोर्टों में गिरफ़्तारी के स्थान के बारे में विरोधाभास है
- जनचौक ने रिपोर्ट किया कि हाईकोर्ट ने पूछताछ के लिए रिपोर्टों की मांग की, जिसमें गिरफ़्तारी या फ़िरोज़ाबाद में हुई थी, इस पर स्पष्टता चाहिए
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- हाईकोर्ट की रिपोर्ट मांग के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को किस समय सीमा में विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा?
- राजस्थान पुलिस के कौन से विभाग को इस फर्जी एनकाउंटर के संबंध में स्पष्टता प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई है?
- क्या हाईकोर्ट ने इन रिपोर्टों की समीक्षा के बाद किसी विशेष पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है?
आगे क्या
हाईकोर्ट की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि और आगे की सुनवाई की तिथि पर नज़र रखें।