राजस्थान के सरकारी स्कूल में मिड‑डे मील से 27 बच्चों को बीमारी, मंत्री ने जांच का आदेश दिया
पूरी खबर
कोटा के पूनिया देवरिया सरकारी स्कूल में मिड‑डे मील खाने के बाद 27 बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर जैसी लक्षण दिखे। उनमें से 14 को अस्पताल ले जाया गया, जबकि 4‑5 बच्चे भर्ती हैं। स्कूल प्रशासन ने कहा कि भोजन स्थानीय आपूर्ति केंद्र से आया था, पर प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है। पिता‑माता ने सफाई व भंडारण मानकों पर लिखित शिकायत दर्ज कराई। इन घटनाओं के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने स्वतंत्र जांच टीम गठित करने का प्रस्ताव रखा और मंत्री ने पूरी जांच का आदेश दिया। अब जांच की प्रगति और आपूर्ति श्रृंखला की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
घटनाक्रम
11 घटनाक्रमजेडीए ने हाईकोर्ट को 22 गोदाम‑बीटू बाईपास तक के अतिक्रमणों की सूची प्रस्तुत की।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरराज्य स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक जांच के लिए एक स्वतंत्र टीम गठित करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन टीम के सदस्यों की सूची अभी जारी नहीं हुई।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक जांच के लिए स्वतंत्र टीम गठित करने का प्रस्ताव रखा, पर टीम के सदस्यों की सूची अभी जारी नहीं हुई।
मंत्री ने इस मामले की पूरी जांच का आदेश दिया।
मंत्री ने इस मामले की पूरी जांच का आदेश दिया और स्वास्थ्य विभाग को स्वतंत्र टीम गठित करने का प्रस्ताव दिया
जेडीए ने हाईकोर्ट में हलफनामे के साथ अपना बचाव किया, लेकिन आदेश अभी भी लागू है।
दैनिक भास्करहाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के लिए जेडीए को 15‑दिन का नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
दैनिक भास्करस्कूल प्रशासन ने कहा कि मिड‑डे मील की सामग्री स्थानीय आपूर्ति केंद्र से प्राप्त हुई थी, परंतु आपूर्ति केंद्र की गुणवत्ता प्रमाणपत्र अभी तक उपलब्ध नहीं है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटापिता‑माता ने स्कूल को लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें भोजन की सफाई और भंडारण मानकों पर सवाल उठाए गए।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटास्कूल प्रशासन ने बताया कि मिड‑डे मील की सामग्री स्थानीय आपूर्ति केंद्र से प्राप्त हुई थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटापिता‑माता ने स्कूल को लिखित शिकायत में भोजन की सफाई और भंडारण मानकों पर सवाल उठाए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
यह पन्ना 25 अगस्त 2026, दोपहर 12:35 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- कोटा के सरकारी स्कूल में मिड‑डे मील खाने के बाद 27 बच्चों को बीमारियों की शिकायत हुई
- उन्हें उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर जैसे लक्षण थे; 14 बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, 4‑5 बच्चे भर्ती हैं
- स्कूल प्रशासन ने कहा कि भोजन स्थानीय आपूर्ति केंद्र से प्राप्त हुआ था
- आपूर्ति केंद्र के गुणवत्ता प्रमाणपत्र अभी तक उपलब्ध नहीं हैं
- पिता‑माता ने भोजन की सफाई और भंडारण मानकों पर लिखित शिकायत दर्ज कराई
- राज्य स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक जांच के लिए स्वतंत्र टीम गठित करने का प्रस्ताव रखा और मंत्री ने पूरी जांच का आदेश दिया
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- राज्य स्वास्थ्य विभाग ने स्वतंत्र जांच टीम के सदस्यों की सूची कब जारी की जाएगी?
- स्कूल प्रशासन ने आपूर्ति केंद्र के गुणवत्ता प्रमाणपत्र की अनुपलब्धता को कैसे समझाया?
- आपूर्ति केंद्र को खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन का प्रमाण देने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए?
- हाईकोर्ट ने इस मामले में स्कूल एवं आपूर्ति श्रृंखला के खिलाफ कोई निर्देश जारी किए हैं क्या?
आगे क्या
जांच टीम की रिपोर्ट के जारी होने की तिथि पर नज़र रखें और हाईकोर्ट के संभावित आदेशों की प्रतीक्षा करें।