जैपुर स्कूल के कैंटीन में बेकरी स्नैक से छात्र की मौत, परिवार ने स्कूल की लापरवाही का आरोप लगाया
पूरी खबर
जैपुर के एक हाई स्कूल में कक्षा 12 के छात्र ने कैंटीन से खरीदा स्नैक खाने के बाद अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया और अस्पताल में भर्ती होते ही 13 अगस्त को उसकी मौत हो गई। परिवार ने बताया कि स्नैक पुराने तेल में तला गया था और उसमें कण फँस गया था, जिससे श्वास नली में रुकावट हुई। स्कूल प्रशासन ने घटना के बाद तुरंत सूचना नहीं दी, जिससे परिवार को देर से इलाज मिला। विभिन्न समाचार स्रोतों ने स्कूल की खाद्य सुरक्षा मानकों की अनुपस्थिति और समय पर सूचना न देने की आलोचना की है। अब मामला स्कूल प्रबंधन, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच जिम्मेदारी तय करने के चरण में अटका है।
घटनाक्रम
3 घटनाक्रमपरिवार ने स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सूचना दी और शिक्षा विभाग को जांच शुरू करने का अनुरोध किया।
इंडिया टुडेद प्रिंट ने बताया कि स्कूल ने पहले भी खाद्य सुरक्षा संबंधी शिकायतें प्राप्त की थीं, लेकिन कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
द प्रिंटभास्कर इंग्लिश ने रिपोर्ट किया कि स्कूल के कैंटीन में उपयोग किए जाने वाले तेल की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।
भास्कर इंग्लिश
यह पन्ना 14 अगस्त 2026, सुबह 4:28 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- क्लास 12 के छात्र ने कैंटीन से खरीदा स्नैक खाने के बाद श्वास नली में रुकावट के कारण अस्पताल में भर्ती हुए।
- परिवार का दावा है कि स्नैक पुराने तेल में तला गया था और उसमें कण फँसे थे।
- स्कूल ने घटना की सूचना परिवार को देर से दी, जिससे इलाज में देरी हुई।
- इंडिया टुडे ने बताया कि छात्र की मौत के बाद परिवार ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- क्या शिक्षा विभाग स्कूल के कैंटीन में खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी कर रहा है?
- स्कूल प्रबंधन ने स्नैक की गुणवत्ता जांच के लिए कौन से प्रोटोकॉल अपनाए थे?
- क्या स्कूल ने छात्र की स्थिति के बारे में समय पर सूचना परिवार को दी?
- क्या स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना में संभावित खाद्य विषाक्तता की जांच की है?
आगे क्या
आगे 20 अगस्त को शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट की सुनवाई होगी; उसके बाद स्कूल पर संभावित प्रतिबंध या सुधारात्मक आदेश जारी किए जा सकते हैं।