राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर पुलिस ने छात्र नेता को हिरासत में लिया
पूरी खबर
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली और राजस्थानी भाषा विभाग की मांग को लेकर छात्रों ने भूमि समाधि का आयोजन किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और छात्र नेता लक्ष्यराज को हिरासत में ले लिया। घटना पर विभिन्न मीडिया स्रोतों ने बताया कि पुलिस ने सुरक्षा बल बढ़ा कर स्थल को खाली कर दिया, जबकि छात्र संघ ने इस कार्रवाई को अत्यधिक कठोर बताया। अब सवाल यह है कि क्या उचित प्रक्रिया का पालन हुआ और पुलिस की कार्रवाई का आधार क्या था।
घटनाक्रम
6 घटनाक्रमपुलिस ने घटना स्थल को खाली कर दिया और सुरक्षा बलों को बढ़ा दिया
ज़ी न्यूज़कार के चालक को भागते हुए कई वाहनों को टक्कर मारते देखा गया
ज़ी न्यूज़पुलिस ने लिखित रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंप दी है
ज़ी न्यूज़पुलिस ने हिरासत में लिये छात्र नेता को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर ले जाकर पुलिस थाने में डाला।
ईटीवी भारतछात्र संघ ने पुलिस की कार्रवाई को असंवैधानिक कहा और उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की घोषणा की।
न्यूज़18 हिंदीपुलिस ने लाठीचार्ज के दौरान उपयोग किए गए बैरिकेड और रॉड की जांच शुरू की।
यह पन्ना 11 अगस्त 2026, सुबह 4:24 बजे की स्थिति है — बाद के अपडेट इसमें शामिल नहीं हैं।
मुख्य तथ्य
- छात्र संघ ने भूमि समाधि के माध्यम से छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग की।
- पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और छात्र नेता लक्ष्यराज को हिरासत में लिया।
- पुलिस ने घटना स्थल को खाली कर दिया और सुरक्षा बलों को बढ़ा दिया।
- पुलिस ने लिखित रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंप दी।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल। ये आरोप नहीं, सार्वजनिक जवाबदेही के प्रश्न हैं।
- क्या पुलिस ने लाठीचार्ज करने से पहले वैधानिक आदेश प्राप्त किया था?
- राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रबंधन ने छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर क्या औपचारिक प्रतिक्रिया दी है?
- जिला प्रशासन ने पुलिस द्वारा तैयार की गई लिखित रिपोर्ट की सामग्री को सार्वजनिक किया है या नहीं?
आगे क्या
अगले दो हफ्तों में हाई कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई और पुलिस रिपोर्ट की सार्वजनिकता पर नज़र रखें।