जुलाई के अंत में 27 घंटे के पानी की टंकी पर प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई ने छात्रसंघ चुनाव की गारंटी पर जयपुर में प्रदर्शन समाप्त किया
पूरी खबर
जुलाई के अंत में जयपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग पर एनएसयूआई के कई युवा नेता पानी की टंकी पर चढ़े और 27 घंटे तक हड़ताल जारी रखी। इस दौरान छात्र नेता ने भूख हड़ताल शुरू की, जबकि उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंक ने उनके समर्थन की घोषणा की। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए टंकी से नेताओं को जबरन उतारा और कई को हिरासत में लिया, जिससे स्थानीय यातायात बाधित हुआ। राज्य सरकार ने छात्रसंघ चुनाव की समयसीमा तय करने का आश्वासन दिया, जिसे एनएसयूआई ने शर्त के रूप में माँगा था। इस आश्वासन के बाद एनएसयूआई ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया, जिससे स्थिति स्थिर हुई।
घटनाक्रम
5 घटनाक्रमराज्य सरकार ने छात्रसंघ चुनाव की समयसीमा तय करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद एनएसयूआई ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
एडेक्सलाइवपुलिस ने प्रदर्शन को रोकते हुए कई नेताओं को जबरन उतारा और हिरासत में लिया, जिससे स्थानीय यातायात बाधित हुआ।
नवभारत टाइम्सकार्यकर्ता टंकी पर भूख हड़ताल जारी रखे, जबकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए।
द प्रिंटएनएसयूआई के कार्यकर्ता छात्रसंघ चुनाव की मांग पर विश्वविद्यालय की पानी की टंकी पर चढ़े और प्रदर्शन शुरू किया।
मुख्य न्यायाधीश रंक ने छात्र नेता के भूख हड़ताल को समर्थन दिया, जिससे प्रदर्शन को वैधता मिली।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस
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मुख्य तथ्य
- 29 जुलाई को शाम 4:31 बजे मुख्य न्यायाधीश रंक ने छात्र नेता के भूख हड़ताल को समर्थन दिया।
- 30 जुलाई सुबह एनएसयूआई के कार्यकर्ता छात्रसंघ चुनाव की मांग पर विश्वविद्यालय की पानी की टंकी पर चढ़े।
- 31 जुलाई दोपहर में वही कार्यकर्ता टंकी पर भूख हड़ताल जारी रखे।
- 31 जुलाई रात 7:07 बजे पुलिस ने प्रदर्शन को रोकते हुए कई नेताओं को जबरन उतारा और हिरासत में लिया।
- 31 जुलाई रात 10:08 बजे टंकी के आसपास का मार्ग जाम हो गया, जिससे यातायात में बाधा आई।
- राज्य सरकार ने छात्रसंघ चुनाव की समयसीमा तय करने का आश्वासन दिया।
- 1 अगस्त सुबह 10:36 बजे एनएसयूआई ने आश्वासन मिलने पर पानी की टंकी पर प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
- प्रदर्शन समाप्त होने के बाद टंकी पर मौजूद छात्रों को पुलिस ने सुरक्षित रूप से नीचे उतारा।
जवाबदेही के सवाल
उपलब्ध तथ्यों पर आधारित विश्लेषणात्मक सवाल।
- सरकार ने छात्रसंघ चुनाव की समयसीमा तय करने का आश्वासन दिया, लेकिन वह कब तक लागू होगा, इसका स्पष्ट विवरण कब देंगे?
- पुलिस ने टंकी से कई नेताओं को जबरन उतारा और हिरासत में लिया, क्या इस कार्रवाई में उचित प्रक्रिया का पालन हुआ?
- टंकी के आसपास का मार्ग जाम होने से स्थानीय यातायात पर असर पड़ा, भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
- हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंक ने समर्थन दिया, क्या न्यायालय इस मुद्दे पर आगे कोई निर्देश जारी करेगा?
आगे क्या
राज्य सरकार ने छात्रसंघ चुनाव की समयसीमा तय करने का आश्वासन दिया है; अब इस आश्वासन की कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक समिति गठित की जाएगी और संबंधित आदेशों की सार्वजनिक घोषणा की जाएगी।