जयपुर में एनईईटी विरोध के दौरान कांग्रेस नेता अषोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा को हिरासत में
पूरी खबर
पुलिस ने २२ जुलाई रात को जयपुर में एनईईटी प्रवेश परीक्षा के विरोध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अषोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा को हिरासत में ले लिया। जलधारा का प्रयोग करते हुए पुलिस ने भीड़ को बिखराने की कोशिश की और कई प्रदर्शनकारियों को भी गिरफ्तार किया।
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें जयपुर में कांग्रेस ने छात्रों के भविष्य की रक्षा के नाम पर विरोध मार्च आयोजित किया। इस मार्च में गहलोत और डोटासरा ने भाग लिया और पुलिस के साथ टकराव हुआ।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस रेखा तोड़ दी और शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के कारण जलधारा और बल प्रयोग किया गया। पुलिस के अनुसार सभी गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखा गया है।
वर्तमान में अषोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा को स्थानीय पुलिस थाने में रखरखाव के तहत रखा गया है। विपक्षी दल ने उनकी रिहाई की मांग की है और पुलिस कार्रवाई को अत्यधिक कठोर बताया है।
घटनाक्रम
5 घटनाक्रमविपक्षी दल ने नेताओं की रिहाई की मांग की है, जबकि पुलिस ने कहा कि सभी कानूनी प्रक्रिया के तहत हैं।
अषोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और थाने में रखरखाव के तहत रखा गया।
टाइम्स ऑफ इंडियापुलिस ने जलधारा का प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों के साथ टकराव हुआ, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
ज़ूम न्यूज़जयपुर में एनईईटी प्रवेश परीक्षा के विरोध के दौरान कांग्रेस के नेता गहलोत और डोटासरा ने मार्च में भाग लिया।
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें जयपुर में कांग्रेस ने भी मार्च का आयोजन किया।
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मुख्य तथ्य
- अषोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा को २२ जुलाई रात को जयपुर में एनईईटी विरोध के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया
- पुलिस ने जलधारा का प्रयोग करके भीड़ को बिखराया और कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया
- प्रदर्शन का कारण दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध था
- कांग्रेस ने छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए जयपुर में मार्च आयोजित किया
- पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस रेखा तोड़ी और शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी
- विपक्षी दल ने नेताओं की रिहाई की मांग की और पुलिस कार्रवाई को कठोर बताया
- हिरासत में लिए गए नेताओं को स्थानीय थाने में रखरखाव के तहत रखा गया है
- जिला पुलिस ने घटना की पूरी जांच का आश्वासन दिया
पुलिस की जवाबदेही
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस रेखा तोड़ दी और शांति व्यवस्था बिगड़ने की संभावना के कारण जलधारा और बल प्रयोग किया गया। सभी गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखा गया है।
आगे क्या
जिला अदालत में हिरासत के वैधता पर सुनवाई निर्धारित की गई है और पुलिस ने पूरी जांच का आश्वासन दिया है।